परिचय
नवजात बच्चे का बार-बार पेशाब करना लगभग हर माता-पिता के लिए एक common चिंता होती है। अक्सर नवजात शिशु को बार-बार पेशाब आना देखकर parents घबरा जाते हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि यह ज्यादातर मामलों में बिल्कुल सामान्य होता है। जन्म के बाद बच्चे के शरीर में कई बदलाव होते हैं। उसकी किडनी, पाचन तंत्र और पानी की ज़रूरतें अलग तरीके से काम करती हैं। इसी वजह से शिशु दिन में कई बार पेशाब करता है, जो आमतौर पर स्वस्थ विकास का संकेत होता है।
बार-बार पेशाब आना अक्सर इस बात का संकेत होता है कि बच्चा हाइड्रेटेड है और अच्छे से दूध पी रहा है।
नवजात शिशु में पेशाब की सामान्य मात्रा

| शिशु की उम्र | सामान्य पेशाब की संख्या (प्रतिदिन) |
|---|---|
| जन्म के 1–2 दिन | 1–2 बार |
| 3–5 दिन | 3–5 बार |
| 1 सप्ताह बाद | 6–8 बार |
| कुछ बच्चों में | 10–12 बार भी हो सकता है |
हर बच्चा अलग होता है — कुछ बच्चों का डायपर जल्दी गीला होता है और कुछ का थोड़ा देरी से।
जब तक बच्चा एक्टिव है और अच्छे से दूध पी रहा है, बार-बार पेशाब आना चिंता की बात नहीं।
शिशु को बार-बार पेशाब क्यों आता है? (मुख्य कारण)
1. मां का दूध जल्दी पचता है

मां का दूध (Breast milk) हल्का और आसानी से digest होने वाला होता है।
इसलिए बच्चा इसे जल्दी पचाता है और शरीर में fluid balance बनाने के लिए ज्यादा पेशाब करता है।
2. किडनी का विकास जारी होता है
नवजात की किडनी जन्म के समय पूरी तरह mature नहीं होती।
वे पानी को शरीर में रोककर रखने की क्षमता कम रखती हैं, इसलिए ज्यादा पेशाब बनता है।
3. पर्याप्त हाइड्रेशन
अगर बच्चा बार-बार पेशाब कर रहा है, तो इसका मतलब है कि वह ठीक से दूध पी रहा है और शरीर dehydrate नहीं हो रहा।
4. मौसम का प्रभाव
ठंड में बार-बार पेशाब आना बहुत common है।
ठंड के मौसम में शरीर पसीना कम बनाता है, इसलिए extra पानी पेशाब के रूप में निकलता है।
कैसे पहचानें कि सब कुछ सामान्य है?
पेशाब का रंग हल्का पीला या बिल्कुल साफ हो
गाढ़ा या चटक पीला रंग dehydration का संकेत हो सकता है।
बच्चा दूध अच्छी तरह पी रहा हो
हर 2–3 घंटे में फीड लेना स्वस्थ शरीर का संकेत है।
दिन में लगभग 6–8 बार डायपर गीला हो
यह बताता है कि बच्चा ठीक से hydrate है।
बच्चा एक्टिव हो और वजन बढ़ रहा हो
सामान्य development का सबसे अच्छा संकेत यही है।
कब डॉक्टर से मिलें? (चेतावनी के लक्षण)
अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत अपने शिशु रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) से संपर्क करें:
पेशाब अचानक कम हो जाए (दिन में 2–3 से भी कम)
पेशाब का रंग गहरा पीला, नारंगी, या भूरा हो
पेशाब में बदबू आए या उसमे लाल/गुलाबी रंग
- यह कभी-कभी infection या dehydration का संकेत हो सकता है।
बच्चा सुस्त लगे, दूध कम पीए, बहुत रोए या बुखार हो
डायपर लंबे समय तक सूखा रहे (4–6 घंटे तक भी गीला न हो)
ऐसे लक्षणों को lightly न लें, क्योंकि newborn में dehydration जल्दी हो सकता है।
माता-पिता के लिए आवश्यक सुझाव
1. बच्चे को नियमित रूप से दूध पिलाएं
नवजात को हर 2–3 घंटे में फीड की ज़रूरत होती है।
2. डायपर समय पर बदलें (हर 2–3 घंटे में)
बार-बार पेशाब करने से डायपर rash होने की संभावना बढ़ जाती है।
3. अच्छी quality का डायपर इस्तेमाल करें
Soft और breathable डायपर बच्चे की skin को सुरक्षित रखता है।
4. डायपर रैश क्रीम लगाना न भूलें
हर बदलाव के समय हल्की लेयर लगाएं, इससे skin protected रहती है।
5. पेशाब के रंग और मात्रा पर नजर रखें
अगर रंग बहुत गहरा है, तो बच्चे में dehydration हो सकता है।
क्या यह बिल्कुल सामान्य है? (Parent reassurance)
अधिकांश मामलों में हाँ, बिल्कुल सामान्य है।
नवजात का शरीर बहुत तेजी से बदलता है, और बार-बार पेशाब आना उस process का एक हिस्सा है।
जैसे-जैसे बच्चे की किडनी mature होती है, पेशाब की frequency थोड़ी कम और regular हो जाती है।
निष्कर्ष
नवजात शिशु का बार-बार पेशाब करना एक पूरी तरह प्राकृतिक और स्वस्थ प्रक्रिया है।
यह बताता है कि बच्चा अच्छी तरह हाइड्रेटेड है, नियमित फीड ले रहा है और उसका शरीर ठीक से काम कर रहा है।
बस ध्यान रखें कि पेशाब का रंग, मात्रा और बच्चे के व्यवहार में कोई असामान्यता न दिखे। जरूरत होने पर डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
हमारे टीकाकरण वाले ब्लॉग को भी ज़रूर पढ़ें, वहाँ आपको नवजात देखभाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी।
सन्दर्भ
- इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP)
- WHO Newborn Care Guidelines